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Wednesday, July 29, 2026

अमलाई-रामपुर बटुरा ट्रांसफर प्रकरण में प्रबंधन बैकफुट पर, यूनियन ने पूर्ण रद्दीकरण की मांग दोहराई



शहडोल। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सोहागपुर क्षेत्र में प्रबंधन ने संयुक्त मोर्चा के आंदोलन के दबाव में 50 कर्मचारियों का ट्रांसफर अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। अमलाई ओसीएम और रामपुर बटुरा ओसीएम के ऑपरेटरों का ट्रांसफर पूर्णतः रद्द करने की मांग करते हुए यूनियनों ने 6 अगस्त से चक्का जाम की चेतावनी दोहराई है।

 बिलासपुर हेडक्वार्टर द्वारा अमलाई ओसीएम के 70 कर्मचारियों के प्रशासनिक तबादले के बाद स्टॉप ऑफिसर, सोहागपुर क्षेत्र के हस्ताक्षर से 23 जुलाई 2026 को 10 और कर्मचारियों की ट्रांसफर चिट्ठी जारी की गई थी। इसमें रामपुर बटुरा ओसीएम के पहले से ट्रांसफर किए जा चुके 6 डम्पर ऑपरेटर भी शामिल हैं। इस तरह कुल 86 कर्मचारियों का ट्रांसफर प्रकरण सामने आया था।


नया आदेश: 50 का ट्रांसफर रोका


संयुक्त मोर्चा के दबाव में 27 जुलाई 2026 को स्टाफ ऑफिसर (एचआर) सोहागपुर क्षेत्र ने नया कार्यालय आदेश जारी किया। इसमें स्पष्ट किया गया है कि कार्यालय आदेश क्रमांक 769 दिनांक 21 जुलाई 2026 को अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है। 70 में से 20 कर्मचारियों को 23 जुलाई को पहले ही कार्यमुक्त कर दिया गया था। शेष 50 कर्मचारियों का ट्रांसफर फिलहाल रोका गया है।

 21 जुलाई के आदेश के तहत अमलाई ओसीएम के उत्खन विभाग के 70 कर्मचारियों को दीपका, कुसमुंडा, कोरबा, गेवरा और सीडब्ल्यूएस कोरबा क्षेत्रों में भेजा जाना था। इसके बाद स्टॉप ऑफिसर के साइन से 10 और लोगों की चिट्ठी निकली, जिसमें अमलाई के 6 और रामपुर बटुरा के 4 डम्पर ऑपरेटर शामिल हैं।


कर्मचारियों में आक्रोश


कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन सोहागपुर क्षेत्र का मैनपावर धीरे-धीरे कोरबा, गेवरा, दीपका और कुसमुंडा में पलायन करवाकर ही मानने वाला है। स्थानीय सांसद और विधायक इस मामले में संज्ञान नहीं ले रहे। रामपुर बटुरा ओसीएम के डम्पर ऑपरेटर गणेश नापित, जिनकी रिटायरमेंट में मात्र सात महीने शेष हैं, का भी ट्रांसफर आदेश जारी होने से आक्रोश और बढ़ा है।

संयुक्त मोर्चा की चेतावनी

 बीएमएस, एटक, इंटक, एचएमएस और सीटू सहित संयुक्त मोर्चा सोहागपुर क्षेत्र ने 23 जुलाई को क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र देकर औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22(1)(ख) के तहत आंदोलन की सूचना पहले ही दे दी है। नेताओं का कहना है कि केवल स्थगन से काम नहीं चलेगा। अमलाई ओसीएम और रामपुर बटुरा ओसीएम दोनों के ऑपरेटरों का ट्रांसफर पूर्णतः रद्द किया जाए। 6 अगस्त 2026 तक मांग नहीं मानी गई तो क्षेत्र की सभी शाखाओं में चक्का जाम, गेट बंद, धरना-प्रदर्शन, कोयला प्रेषण अवरोध और भूख हड़ताल की जाएगी।


समझौता टूटा


13 मार्च 2026 को सहायक श्रमायुक्त (केन्द्रीय) शहडोल की मध्यस्थता में प्रबंधन और सोहागपुर क्षेत्र के सभी श्रम संघों के बीच चार बिंदुओं पर लिखित समझौता हुआ था कि अमलाई ओसीएम व रामपुर ओसीएम के कर्मचारियों का क्षेत्र से बाहर स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने जमुना-कोतमा क्षेत्र का उदाहरण दिया, जहां 19 जून 2026 को महाप्रबंधक (मा.सं./श्र.श.) बिलासपुर द्वारा 9 डम्पर ऑपरेटरों का ट्रांसफर रद्द कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि सोहागपुर क्षेत्र से भी ऐसी ही पहल होनी चाहिए।

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