शहडोल। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सोहागपुर क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत माइनिंग स्टाफ वर्ष 2015-16 से अपने प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। माइनिंग सरदार से ओवरमैन ग्रेड-बी पद पर पदोन्नति पिछले नौ वर्षों से लंबित है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) ने इस संबंध में 5 अगस्त 2026 को निदेशक कार्मिक, एसईसीएल बिलासपुर को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ओवरमैन ग्रेड-बी के पद कम होने से रुकी पदोन्नति
संघ का कहना है कि सोहागपुर क्षेत्र समेत एसईसीएल के अन्य क्षेत्रों में ओवरमैन ग्रेड-बी के स्वीकृत पदों की संख्या बेहद कम है। इसी कारण वर्षों से कर्मचारियों की पदोन्नति अटकी हुई है। संघ के अनुसार, प्रबंधन ने पहले आश्वासन दिया था कि जूनियर ओवरमैन की पदोन्नति से पहले पूर्व से कार्यरत कर्मचारियों को समायोजित किया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया।
300 पदों में से 250 पद पहले ही भर चुके हैं
कोल क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने सीएमडी कार्यालय, बिलासपुर में निदेशक कार्मिक से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। चर्चा के दौरान जानकारी सामने आई कि पूरे एसईसीएल में ओवरमैन के लगभग 300 पद स्वीकृत थे, जिनमें से 250 पद जूनियर ओवरमैन से भर दिए गए हैं। वर्तमान में पूरे एसईसीएल में केवल 40 से 50 पद ही रिक्त बचे हैं, जबकि अकेले सोहागपुर क्षेत्र में 60 से अधिक माइनिंग सरदार पदोन्नति के लिए पात्र हैं।
कर्मचारियों ने जताई नाराजगी
पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए कोयला उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन जब पदोन्नति का समय आया तो प्रबंधन ने नई-नई बाधाएं खड़ी कर दीं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभिन्न यूनियन और माइनिंग एसोसिएशन केवल आश्वासन दे रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।
सामूहिक इस्तीफे और कानूनी लड़ाई की तैयारी
लगातार हो रही देरी से नाराज कर्मचारियों ने सभी यूनियनों से सामूहिक इस्तीफे और न्यायालय की शरण लेने का निर्णय लिया है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत में इस तरह के मामलों का फैसला आने में कई वर्ष लग सकते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
एटक ने पद बढ़ाने की उठाई मांग
संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के कंपनी कल्याण मंडल सदस्य राजेश चंद शर्मा ने कहा कि ओवरमैन ग्रेड-बी खदानों का एक महत्वपूर्ण पर्यवेक्षकीय पद है। ग्रेड-ए और ग्रेड-ए1 के पर्याप्त पद उपलब्ध हैं, लेकिन ग्रेड-बी में पदों की कमी के कारण पदोन्नति प्रक्रिया बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर कर्मचारियों के करियर, मनोबल और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है। खदानों की संख्या, कार्यभार और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ओवरमैन ग्रेड-बी के स्वीकृत पदों में तत्काल वृद्धि की जानी चाहिए।
अब और इंतजार नहीं
वर्ष 2015 से प्रमोशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि या तो प्रबंधन पदों की संख्या बढ़ाकर पदोन्नति का रास्ता साफ करे या फिर न्यायालय में कानूनी लड़ाई के लिए तैयार रहे।
मुख्य बिंदु
2015-16 से माइनिंग सरदारों का प्रमोशन लंबित।
5 अगस्त 2026 को एटक ने निदेशक कार्मिक को पत्र लिखा।
पूरे एसईसीएल में केवल 40-50 पद रिक्त।
सोहागपुर क्षेत्र में 60 से अधिक कर्मचारी पदोन्नति के पात्र।
कर्मचारियों ने आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
ओवरमैन ग्रेड-बी के स्वीकृत पद बढ़ाने की मांग तेज हुई।
