धनपुरी/शहडोल। एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र की सर्वाधिक उत्पादन देने वाली खदान रामपुर बटुरा ओपन कास्ट माइन (ओसीएम) में प्रबंधन ने उत्खनन विभाग के कर्मचारियों की रविवारीय ड्यूटी बंद कर दी है। डम्पर ऑपरेटरों सहित इस विभाग के कर्मचारियों को 26 जुलाई 2026 से संडे ड्यूटी पर न आने का निर्देश दिया गया है। इस फैसले से कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई है।
उपक्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा 25 जुलाई 2026 को जारी सूचना क्रमांक एसईसीएल/एसजीपी/एसएएम/आर-बी ओसीपी/26/824 में कहा गया है कि 22 जुलाई 2026 से विभागीय तौर पर कोयला उत्खनन एवं उत्पादन का कार्य बंद हो गया है। इसी कारण वर्तमान में उत्खनन विभाग के कर्मचारियों की उपयोगिता प्रतीत नहीं होती। सूचना में स्पष्ट किया गया है कि उत्खनन विभाग को छोड़कर शेष सभी कर्मचारियों की रविवारीय ड्यूटी यथावत जारी रहेगी।
रामपुर बटुरा ओसीएम में उत्खनन विभाग कोयला उत्पादन की मुख्य कड़ी माना जाता है। डम्पर, डोजर, ड्रिल और ग्रेडर जैसी मशीनों के माध्यम से यही विभाग हर साल उत्पादन लक्ष्य पूरा कराने और नए कीर्तिमान स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उत्पादन रूपी मिशन पूरा होने तक वे चट्टान की तरह डटे रहते थे और खदान की हर भागीदारी में उनकी मुख्य भूमिका रहती थी। अब संडे ड्यूटी से वंचित किए जाने को वे शोषण बता रहे हैं।
उत्खनन विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश है। वे पूछ रहे हैं कि उत्पादन की “मैन कड़ी” रहे विभाग को अचानक बाहर क्यों किया जा रहा है। इस बीच अमलाई ओसीएम में ट्रांसफर को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। कर्मचारियों का मानना है कि रामपुर बटुरा में उत्पादन बंद होने से पूरे सोहागपुर क्षेत्र में असंतोष और बढ़ सकता है।
