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Tuesday, September 15, 2020

कोविड 19 के समय बंद विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने का प्रयास, माडल विद्यालय बनााने का सतत प्रयास

 


शहडोल। संभागायुक्त नरेश पाल के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डाॅ0 सतेन्द्र सिंह के विशेष प्रयास एवं निरंतर माॅनीटरिंग एवं कुशल मार्गदर्शन के कारण तथा पार्थ जायसवाल, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के सहयोग एवं निर्देशन में डाॅ0 मदन कुमार त्रिपाठी जिला परियोजना समन्वयक, समस्त बीआरसीसी, सीएसी, शिक्षकों द्वारा प्राथमिक, माध्यमिक शाला भवन में साफ, सफाई अंदर की सफेद रंग से तथा बाहर सनराईज कलर तथा बालिका शौचालय में अंदर सफेद बाहर पिंक कलर एवं बालक शौचालय अंदर सफेद तथा बाहर ब्लू रंग से पुताई का कार्य चल रहा है। इसी प्रकार से विभिन्न दान दाताओं ओरियन्ट पेपर मिल कोल माइन्स, रिलायन्स इन्डस्ट्री से स्मार्ट क्लास सोलर सिस्टम रनिंग वाटर, टेबिल, कुर्सी स्कूल में बाउण्ड्रीवाॅल का निर्माण शौचालय का निर्माण,अभ्यास पुस्तिका, बैग, स्टेशनरी विज्ञान सामग्री, क्रीड़ा सामग्री, अध्ययन-अध्यापन सामग्री की व्यवस्था की गई है। जिसकी कीमत लगभग 3.5 करोड़ की है, साथ ही समस्त विद्यालयों (2028 प्राथमिक, माध्यमिक में कुल उपयोगी कक्षों की संख्या 6757 है में 13608 पंखों की आवश्यकता का आंकलन कर कलेक्टर  की विशेष मुहिम और प्रयास से जिले के प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों में 10017 पंखे अभी तक लग चुके हैं तथा शेष 3572 पंखे 30 सितम्बर 2020 तक लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य में कलेक्टर शहडोल की सोच थी कि तपती गर्मी में छात्र-छात्राएं कक्ष के अंदर बैठे रहते हैं, ना तो लाईट है, ना तो पंखे, जिससे पढ़ाई में कोई खास मन  नहीं लग पाता  इसलिए  कलेक्टर शहडोल  सत्येंद्र सिंह इन सभी  पहलुओं को देखते हुए एक अच्छे कार्य की पहल की है जिससे पढ़ाई में अब खूब मन लगेगा। निश्चित ही होने वाले इस कार्य की अभी सराहना कर रहे हैं वही अब सभी विद्यालयों में भी प्रयास है। इसके अलावा विद्युतीकरण का काम तेजी स चल रहा हेै अभी तक जिले में 1457 विद्यालयों में बाह्य विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष 111 विद्यालयों मेें कार्य जारी है और शेष में 460 विद्यालयों बाबत् आवश्यक फंड की व्यवस्था कर एम.पी.ई.बी. को प्रदाय किया जावेगा। जिससे समय में बाह्य कनेक्षन पूर्ण हो सके। इसी प्रकार आंतरिक विद्युत फिटिंग का कार्य भी तेजी से चल रहा है। कुल 2028 विद्यालयों में से 1816 विद्यालयों में विद्युत का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 197 विद्यालयों में शीध्र 25 सितम्बर 2020 तक आन्तरिक विद्युतीकरण का कार्य किया जावेगा, इस हेतु  कलेक्टर सत्येंद्र सिंह ने समय-सीमा निर्धारित की है। गौरतलब है कि जिले में प्रत्येक विकासखण्ड में क्रमानुसार माॅडल विद्यालय बनाने का प्रयास जारी है और अभी तक प्रत्येक विकासखण्ड में 100-100,500  माॅडल विद्यालय 30 सितम्बर तक पूर्ण रूप ले लेंगे इस प्रकार अगले तिमाही में जनवरी 2020-21 तक 500 पुनः वर्ष में 1000 माॅडल विद्यालय बनाने काप्रयास किया जावेगा। जिले में विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ विद्यालय के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देकर विद्यालयों को आकर्षक एवं सुन्दर बनाने का प्रयास आयुक्त एवं कलेक्टर, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा डीपीसी डाॅ0 मदन कुमार त्रिपाठी के विशेष प्रयास से कार्य जारी है। इस संबंध में  जब  चर्चा की गई तो डाॅ. त्रिपाठी ने आगे कहा कि आओ हम सब मिलकर उपरोक्त बिन्दुओ पर अपना शत-प्रतिषत सहयोग देते हुये जिलें में उत्कृष्ठ कार्य से शासकीय उत्कृष्ठ विद्यालय तैयार कर छात्रो को उत्कृष्ठ शिक्षा, सुविधा देते हुये उत्कृष्ठ विद्यार्थियों को तैयार किया जावे। हम सभी संकल्प ले कि जिले को प्रदेश में अग्रणी स्थान पर रखेंगे। इस कार्यक्रम में  जिले के समस्त बीआरसीसी, बीएसी,सीएसी कार्यक्रम में बढ-चढ़कर हिस्सा ले रहे है साथ ही समस्त 1627 प्राथमिक एवं 498 माध्यमिक विद्यालयों में यह कार्य सम्पन्न कराया जा रहा है। होने वाले इस कार्य से जहां छात्र-छात्राओं में हर्ष है वही लोगों ने इस कार्य के लिए प्रथम सा भी कर रहे हैं निश्चित ही इस कार्य से शिक्षा को प्रगति मिलेगी जिससे बच्चों को पढ़ने में अब खूब मन लगेगा।



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