रंजीत वर्मा धनपुरी। कोयले की खदान पर काम करने वाले मजदूर अपनी जान जोखिम में डाल कर कोयला निकलते है। इतनी कड़ी मेहनत के बाद जब मजदूरी मिलती है तो अपने परिवार का जीवन यापन करते है लेकिन यह उस वक्त सम्भव है जब मजदूर की मजदूरी उनके हाथ मे लगे मगर गिद्ध की निगाह रखने वाले सूदखोर से बचना मुश्किल ही नही नामुमकिन है। चर्चा है कि कालरी क्षेत्र में सूदखोर अपना जाल बिछाए बैठे रहते हैं और मौका मिलते ही मजदूरों को अपने चंगुल में फंसा लेते हैं और उन्हें कर्ज देकर ब्याज के रूप में जीवन भर वसूली करते हैं। सूदखोरी के इस मायाजाल में मजदूर फसता ही रहता है जिससे उनके जीवन यापन करने में बड़ी कठिनाई आती है शायद इन्हीं कारणों से मानसिक संतुलन खो बैठते हैं। जन चर्चा है कि हाल ही में खाडा, रामपुर में नई खदान खुलने से पहले ही जमीन पर अपना कब्जा चन्द रुपयो के खातिर जमाए बैठे हैं जिससे वह जमीन मालिक को कर्ज़ में लाद सके और खदान खुलते ही अपने ब्याज की वसूली शुरू कर दें अगर समय रहते ही सूदखोरों पर कार्यवाही ना हुई तो निश्चित तौर पर कई और परिवार बर्बादी की कगार में फस जाएंगे।
दिमागी संतुलन खराब होने से नही मिली मदद
सोहागपुर कोयलांचल में कार्यरत कर्मचारि रामचंद्र यादव टोकन नंबर 782 खैरहा यूजी माईनस में है जो कि बीते कुछ महीनों से मानसिक सन्तुलन बिगड़ गया हैं जिसके कारण वह मारपीट करता, घूमता है यह सब देख कुछ अधिकारी लिखित दे चुके हैं कि रामचंद्र का मानसिक सन्तुलन खराब हैं जिस वजह से कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। जबकि इस संबंध में कालरी प्रबंधक से गुहार लगाई गई तो किसी भी तरह का कोई मदद नही की गई जिससे स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। दिमागी संतुलन खरब होने के कारण रामचंद्र आज नौकरी छोड़ सड़को पर नजर आ रहे है बल्कि लोगो का कहना है कि रामचंद्र का दिमागी हालत इतना खराब है कि शहीदो की तरह भारत माँ के गोद मे शहीद होने की बात कहते नजर आते हैं।
रामचंद्र की पत्नी ने सुनाई अपनी पीड़ा
रामचंद्र की पत्नी ने एक जानकारी में बताया कि मेरे पति रामचंद्र की कई महीनों से मानसिक स्थिति ठीक नही हैं इसकी जानकारी पूरे कालरी के अधिकारियों को हैं आज तक गाड़ी, पैसा, साइकल, एफडी सब कुछ गायब हैं। पीड़ता ने बताया कि मेरे 4 बेटियां हैं एक कि शादी हो चुकी हैं। बेटी की शादी में लगभग 5 लाख रुपया एवं किराना, कपड़ा दुकान एवं अन्य का कर्ज़ अदायगी करना है। लेकिन इस कर्ज की अदायगी उस वक्त हो सकती है जब पीड़िता के पास रुपए हो। रुपए ना होने के कारण सूदखोर इस्तेमाल करने वाली सामग्री गाड़ी मोबाइल तक छीन लिए हैं। शायद इन्हीं वजहो से मेरे पति का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। लोगों का कहना है कि सूदखोरों ने इतना प्रताड़ित किया है कि वे अब नशे का सहारा लेते है। पीड़िता ने बताया कि तीन बेटियां विवाह करने के लायक हैं लेकिन मेरे पति की स्थिति ठीक नहीं है जिससे मैं अपनी बेटियों का विवाह कर सकूं। जब इस संबंध में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि रामचंद्र यादव टोकन नंबर 782 केबिल ऑपरेटर के पद में कार्यरत हैं रामचंद्र 9/5/2019 से अब तक नही आये है वहीं कार्यरत लोगों ने बताया कि जब से इस माइन्स में आये है तब से कुछ दिन ही कार्य किये है। मानसिक संतुलन खराब होने के कारण कभी भी कार्य करते समय बड़ी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।
पीड़िता ने की मांग
रामचंद्र यादव टोकन नंबर 782 केबिल ऑपरेटर के पद में कार्यरत हैं की पत्नी ने कालरी प्रशासन से मांग की है कि उनके पति का प्रबंधक द्वारा इलाज कराया जा सके जिससे पहले की तरह ठीक होकर कालरी में सेवा दे सके और अपने परिवार का भरण पोषण कर सके, इसके अलावा पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से भी मांग की है कि सूदखोरों पर कठोर कार्यवाही हो जिससे किसी के परिवार में ऐसी स्थिति ना उत्पन्न हो।
