खैरहा में नव दिवसीय भागवत कथा प्रारंभ
जय सोनी शहडोल। धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से सद्विचारो का उद्गगार होता है, धर्म और आध्यात्म मनुष्य को उच्च विवेक और सद्मार्ग प्रशस्त करता है। कलयुग का प्रभाव कम करने के लिए भागवत कथा का आयोजन सबसे आसान और सरल मार्ग है। भगवत कथा के माध्यम से व्यक्ति कुमार्ग से सद्मार्ग पर चलना सीख जाता है। खैरहा गांव में चल रहे भागवत कथा के प्रथम दिवस के अवसर पर श्रीधाम वृंदावन से आये कथा वाचक बाल विदुषी शीघ्रता त्रिपाठी ने मौजूद श्रोताओं को कथा का श्रवण कराया, प्रथम दिवस के अवसर पर भक्तो ने विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया और देर शाम कथा प्रारंभ हुई, जिसमें कथा वाचन ने भागवत की उत्पत्ति और महात्म के विषय पर कथा का श्रवण कराया। कथा व्यासपीठ में आचार्य श्रीकांत शर्मा भी आसीन रहे, जिनके मार्ग दर्शन में आयोजन का संचालन हो रहा है।
उमड़ा सैलाब
गांव के दुर्गा मंदिर परिसर से कलश यात्रा की शुरूआत की गई, जो कि गांव के प्रमुख स्थानों में हनुमान मंदिर, ठाकुर बाबा, शिव मंदिर, गढ़ी चौराहा आदि जगहों से होते हुए गोहिटा संगम धाम पहुंचा, जहां पर बूढ़ी माता मंदिर में आर्शीवाद प्राप्त करने के बाद यात्रा का समापन कथा स्थल पर किया गया। इस दौरान गांव के महिला, पुरूष, बुजुर्ग, बच्चे और नौजवान श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने कलश यात्रा में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और कथा पंडाल में पूरी श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण भी किया।
धार्मिक सद्भावना का प्रसार
भागवत कथा के आयोजन में ग्यारह मुख्य यजमान कथा श्रवण लाभ प्राप्त करेंगे। गांव के सभी वर्गो के लोग एक साथ मिलकर चैत्र नवरात्रि के अवसर पर नव दिवसीय भागवत कथा का आयोजन कराया जा रहा है। जिसमें धर्म के माध्यम से सभी में धार्मिक भावना का विस्तार हो सके यह आयोजन का मकसद बताया गया है। गांव में विभिन्न धार्मिक आयोजनो के द्वारा समस्त धर्मानुंबियों के मन आस्था और भक्ति का संचार हो यह कार्यक्रम का उद्देश्य है। इस आयोजन में सभी समाजसेवी और राजनैतिक लोगो के अलावा गांव के बड़े बुजुर्गो सहित ऊर्जावान युवाओं का बराबर सहयोग मिल रहा है।
भक्तिमय हुआ वातावरण
भगवान की सुदंर झांकी और यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक गीत संगीत के साथ यात्रा का भ्रमण हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कलश यात्रा के दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता अजीत शुक्ला, दुर्गा मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष अंजय सिंह, थाना प्रभारी शिवनारायण मिश्रा, समाजसेवी दीपक शर्मा, जगन्नाथ शर्मा, गंगाधर शर्मा, सरंपच गणेश रौतेल, नरेन्द्र वर्मा, पंडित अनुपम अवस्थी, पंडित राहुल शास्त्री, अशोक शुक्ला, सुधीर शर्मा, आशुतोष शुक्ला, संतोष सोनी, सुनील सैनी, सुधीर सैनी, अनिल गुप्ता, शेखर कोरी, मोहन बुनकर, संतोष बढ़ई, शिवेन्द्र चर्तुवेदी, ललन विश्वकर्मा, विक्की त्रिपाठी, सूरज सोनी, आशीष सोनी, अतुल सोनी, कोमल पटेल, आनंद शर्मा, गोकुल नापित, गंगा कचेर, संजय सोनी, सत्येन्द्र सोनी, अमर सोनी, सागर सोनी के अलावा सैकड़ो की संख्या में भक्त मौजूद रहे।
उमड़ा सैलाब
गांव के दुर्गा मंदिर परिसर से कलश यात्रा की शुरूआत की गई, जो कि गांव के प्रमुख स्थानों में हनुमान मंदिर, ठाकुर बाबा, शिव मंदिर, गढ़ी चौराहा आदि जगहों से होते हुए गोहिटा संगम धाम पहुंचा, जहां पर बूढ़ी माता मंदिर में आर्शीवाद प्राप्त करने के बाद यात्रा का समापन कथा स्थल पर किया गया। इस दौरान गांव के महिला, पुरूष, बुजुर्ग, बच्चे और नौजवान श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने कलश यात्रा में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और कथा पंडाल में पूरी श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण भी किया।
धार्मिक सद्भावना का प्रसार
भागवत कथा के आयोजन में ग्यारह मुख्य यजमान कथा श्रवण लाभ प्राप्त करेंगे। गांव के सभी वर्गो के लोग एक साथ मिलकर चैत्र नवरात्रि के अवसर पर नव दिवसीय भागवत कथा का आयोजन कराया जा रहा है। जिसमें धर्म के माध्यम से सभी में धार्मिक भावना का विस्तार हो सके यह आयोजन का मकसद बताया गया है। गांव में विभिन्न धार्मिक आयोजनो के द्वारा समस्त धर्मानुंबियों के मन आस्था और भक्ति का संचार हो यह कार्यक्रम का उद्देश्य है। इस आयोजन में सभी समाजसेवी और राजनैतिक लोगो के अलावा गांव के बड़े बुजुर्गो सहित ऊर्जावान युवाओं का बराबर सहयोग मिल रहा है।
भक्तिमय हुआ वातावरण
भगवान की सुदंर झांकी और यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक गीत संगीत के साथ यात्रा का भ्रमण हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कलश यात्रा के दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता अजीत शुक्ला, दुर्गा मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष अंजय सिंह, थाना प्रभारी शिवनारायण मिश्रा, समाजसेवी दीपक शर्मा, जगन्नाथ शर्मा, गंगाधर शर्मा, सरंपच गणेश रौतेल, नरेन्द्र वर्मा, पंडित अनुपम अवस्थी, पंडित राहुल शास्त्री, अशोक शुक्ला, सुधीर शर्मा, आशुतोष शुक्ला, संतोष सोनी, सुनील सैनी, सुधीर सैनी, अनिल गुप्ता, शेखर कोरी, मोहन बुनकर, संतोष बढ़ई, शिवेन्द्र चर्तुवेदी, ललन विश्वकर्मा, विक्की त्रिपाठी, सूरज सोनी, आशीष सोनी, अतुल सोनी, कोमल पटेल, आनंद शर्मा, गोकुल नापित, गंगा कचेर, संजय सोनी, सत्येन्द्र सोनी, अमर सोनी, सागर सोनी के अलावा सैकड़ो की संख्या में भक्त मौजूद रहे।

