रीवा/शहडोल। शहडोल एवं रीवा संभाग के क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. जी.एस. परिहार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, दवा वितरण, साफ-सफाई, मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य ने अस्पताल प्रबंधन एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अस्पताल में पाई गई कमियों को शीघ्र दूर करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित साफ-सफाई, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनीमिया की जांच करने, मौसमी बीमारियों को दृष्टिगत रखते हुए सभी दवाइयां उपलब्ध कराने, गर्भवती माता की विशेष जांच करने, बच्चों का टीकाकरण नियमित रूप से हो आदि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही मरीजों से चर्चा कर अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
रीवा/शहडोल। शहडोल एवं रीवा संभाग के क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. जी.एस. परिहार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, दवा वितरण, साफ-सफाई, मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य ने अस्पताल प्रबंधन एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अस्पताल में पाई गई कमियों को शीघ्र दूर करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित साफ-सफाई, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनीमिया की जांच करने, मौसमी बीमारियों को दृष्टिगत रखते हुए सभी दवाइयां उपलब्ध कराने, गर्भवती माता की विशेष जांच करने, बच्चों का टीकाकरण नियमित रूप से हो आदि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही मरीजों से चर्चा कर अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
