जयसिंह नगर से प्रतिदिन अप डाउन कर शासन को लगा रहे चूना
शहडोल। सिंचाई विभाग में सोहागपुर सबडिवीजन का अनुविभागीय अधिकारी का प्रभार मिलने के 5 महीने के बाद भी सब इंजीनियर राजेंद्र सिंह का मोह जयसिंहनगर के सब डिवीजन से नहीं छूट रहा है। वह आज भी शासकीय वाहन से जयसिंहनगर से शहडोल प्रतिदिन अप डाउन कर शासन को लाखों का चूना लगा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने जयसिंहनगर स्थित अनुविभागीय अधिकारी के निवास को भी अपने कब्जे में कर रखा है। जिसकी वजह से वर्तमान अनुविभागीय अधिकारी को चौकीदार के कमरे में रहना पड़ रहा है। पता चला है कि जयसिंहनगर सब डिवीजन में हलफल जलाशय और टेटका जलाशय के निर्माण को लेकर सब इंजीनियर राजेंद्र सिंह काफी लालायित हैं। साथ ही निर्माण कार्य शुरू होने के पहले ही संबंधित ठेकेदार को कुछ भुगतान किए जाने का मामला भी गर्माया हुआ है। जिसके भुगतान को लेकर विभागीय उठापटक भी चल रही है। इसी वजह से उन्हें जयसिंह नगर से स्थानांतरित कर सोहागपुर सब डिवीजन के का एसडीओ बनाया गया। बावजूद इसके वह अपनी नए दायित्व का निर्वहन ना कर जयसिंहनगर को ही अपना मुख्यालय बनाकर रखे हुए हैं और यहीं से प्रतिदिन सरकारी वाहन से अप डाउन कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सौंपा गया था ज्ञापन
गौरतलब है कि हलफल नाला जलाशय के निर्माण को शुरू करने की मांग को लेकर ग्रामीण जनों ने गत दिवस कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था।
वाहन हुआ था दुर्घटनाग्रस्त
यह भी पता चला है कि कुछ दिन पहले सोहागपुर सब डिवीजन के एसडीओ राजेंद्र सिंह का सरकारी वाहन गोहपारू और खन्नौधी के बीच दुर्घटना का शिकार हुआ था। यह मामला गोहपारू थाना क्षेत्र के अंतर्गत था। दुर्घटना के बाद सरकारी वाहन को गोहपारू थाने में भी खड़ा रखा गया। इसके बाद दुर्घटना का मामला दर्ज किए बगैर ही वाहन छोड़ दिया गया। यहां सवाल यह उठता है कि राजेंद्र सिंह सरकारी वाहन को लेकर गोहपारू क्या करने गए थे? जबकि उनका कार्यक्षेत्र सोन नदी पुल तक ही सीमित है।
वाहन की लॉग बुक में क्या भरते हैं फर्जी आंकड़ा
बताया गया है कि सब इंजीनियर राजेंद्र सिंह को गत माह अप्रैल में सोहागपुर सब डिवीजन का अनुविभागीय अधिकारी बनाया गया था। तब से लेकर आज तक वह जयसिंहनगर में ही सरकारी आवास में अपना कब्जा जमाए हुए हैं और सरकारी वाहन से प्रतिदिन ड्यूटी करने संभागीय मुख्यालय आते हैं। प्रतिदिन आवागमन में सरकारी वाहन में अनावश्यक रूप से हजारों रुपए का खर्चा होता होगा। जिसके भुगतान के लिए वह वाहन के लाग बुक में क्या फर्जी आंकड़े भरते होंगे यह कह पाना थोड़ा मुश्किल होगा।
कलेक्टर व कमिश्नर से ग्रामीणों ने की जांच की मांग
उक्त मामले में जयसिंहनगर सबडिवीजन अंतर्गत कई ग्रामीण जनों ने कलेक्टर और कमिश्नर से सब इंजीनियर राजेंद्र सिंह के कार्यकाल की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
किया गया संपर्क
जीप दुर्घटना की जानकारी के संबंध में जब गोहपारू थाना प्रभारी डीएस पांडेय से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने अपना मोबाइल अटेंड नहीं किया।
डीएस पांडेय
थाना प्रभारी गोहपारू
इसी तरह जयसिंहनगर में सिंचाई विभाग के एसडीओ निवास में पिछले 5 महीने से रह रहे स्थानांतरित अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर राजेंद्र सिंह से भी मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने भी अपना मोबाइल अटेंड नहीं किया।
राजेंद्र सिंह
अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर