शहडोल। लोकतंत्र का गला घोट कर सत्ता पर दुबारा काबिज होने वाली शिवराज सरकार में विकास कार्य तो पूरी तरह ठप पड़े हैं लेकिन अवैध उत्खनन रेत चोरी शहडोल जिला सहित पूरे प्रदेश में सवाब पर है। जिस पर किसी तरह का अंकुश प्रदेश की शिवराज सरकार नहीं लगा पा रही है। सोन नदी को खोखला कर रहे रेत माफियाओं को सरकार ने खुला छोड़ रखा है जिनके द्वारा सोन नदी का सीना छलनी किया जा रहा था। शहडोल जिले में अवैध रेत खनन का मामला खुलेआम चल रहा था। लेकिन प्रशासन सारे दबाव को दरकिनार कर रेत माफियाओं के खिलाफ की गई कार्यवाही स्वागत योग है। यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने कहीं। आगे उन्होंने कहा कि लंबे समय से रेत माफिया जिले में सक्रिय होकर रेत चोरी कर रहे थे लेकिन इनके विरूद्ध अभी तक कोई बड़ी कार्यवाही ना हो पाना अपने आप में कई सवाल खड़ा कर रहे थे। श्री बहादुर ने कहां कि क्षेत्र के सांसद विधायकों तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता इस संबंध में अभी तक अपनी आंखें क्यों मूंदे रखे, क्या उन्हें यह नहीं पता था कि शहडोल जिले में लगातार रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। प्रतिबंध के बाद भी सोन नदी का सीना छलनी करने का काम रेत माफिया कर रहे थे यह अपने आप मे एक बड़ा सवाल था। श्री बहादुर ने यह भी कहा कि सरेआम पोकलेन मशीन, पनडुब्बी तथा सैकड़ों वाहन लगाकर रोजाना करोड़ों की रेत चोरी कर शासन को चूना लगाने का काम चल रहा था तभी तो अभी तक अवैध रेत खनन मामले में इस तरह की कार्यवाही का ना हो पाना अपने आप में प्रदेश की भाजपा सरकार तथा यहां के सत्ताधारी नेताओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे अपने जिले की रेत जिसे बाहर से आए ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से खनन कर हमारे अपने लोगों को ही अनाप-शनाप दर पर बेचा जा रहा था और यह सब खुलेआम चल रहा था, जबकि सांसद, विधायक सभी को शायद पता रहा हो की रेत के दाम कितने बढ़े हुए हैं, शहडोल में किस दर से रेत मिल रही है। आम आदमी को अपने दो कमरे के आवास को बनाने के लिए कितनी महंगी दर पर रेत खरीदनी पड़ रही है यह किसी से छिपा नहीं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले को लेकर कहा कि यह लंबे समय से सत्ताधारी दल की सहमति से चल रहा था शायद सबको पता था कि जिले में अवैध रूप से रेत का खनन हो रहा है। चोरी की रेत लोगों को अनाप-शनाप दामों में बेची जा रही है। सरेआम यहां रेत की डग्गी दौड़ रही थी, प्रतिबंध के बाद भी मुख्यालय में रोजाना कई रेत से भरे वाहन दिखाई देते थे, रेत का यह खेल पूरे जिले में खुलेआम खेला जा रहा था। लेकिन इस पर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने जो कार्यवाही की है वह काबिले तारीफ और सराहनीय है। हम इस कार्यवाही का स्वागत करते हैं और आगे भी प्रशासन में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों से यह अपेक्षा करते हैं कि इसी तरह बिना किसी दवाब के कार्यवाही करते रहे, साथ जिले में तथा मुख्यालय में रेत की दर निर्धारित की जाए। शहडोल वासियों को कम से कम दर पर रेत उपलब्ध हो और रेत चोरी पर पूर्णता लगाम लगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार के दौरान गोहपारू क्षेत्र के सोनटोला में अवैध रूप से रेत खनन किए जाने का मामला जैसे ही पार्टी संज्ञान मैं आया उसी दौरान जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रेस वार्ता कर इस पूरे मामले को उजागर किया गया था तथा प्रशासन पर दबाव बनाकर उस अवैध खनन को तत्काल बंद करवाया गया। अवैध रेत खनन पर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने पूर्ण प्रतिबंध लगाने का कार्य किया था लेकिन दुर्भाग्य से भाजपा की सरकार के सत्ता पर आते ही रेत चोरी का कारोबार तेजी से फलने फूलने लगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने कहा है कि प्रशासन द्वारा रेत माफियाओं के खिलाफ जो कार्यवाही की गई है वह स्वागत योग्य तो है ही लेकिन आगे भी कार्यवाही निरंतर जारी रहे, महज दिखावा बन कर न रह जाय यह विश्वास किया जा रहा है।
