शहडोल। संभागीय जनसंपर्क अधिकारी संभाग शहडोल नवीन कुमार वर्मा द्वारा जानकारी दी गई कि दिनांक 23 जून 2020 को ब्यौहारी न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश के द्वारा थाना ब्यौहारी जिला शहडोल के अपराध क्रं0 399/2020 में आरोपिया मुन्नी बाई सेन पति स्व. रामकरण सेन उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम भन्नी वार्ड क्र0 01 कछारटोला थाना ब्यौहारी जिला शहडोल (म0प्र0) को धारा 498 ए, 304 बी भा0द0वि0, 3, 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 में आरोपिया का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया गया है। जनसंपर्क अधिकारी श्री वर्मा ने आगे बताया कि अभियोजन का मामला इस प्रकार है कि दिनांक 12 जून को सूचनाकर्ता कमलेश सेन ने थाना ब्यौहारी आकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि मेरी शादी 3 वर्ष पूर्व हुई थी। अभी कोई संतान नहीं है। 23 मई को दोपहर करीब 12.30 बजे मेरी मां मुन्नी सेन ने हल्ला गोहार किया कि बहू ने कमरे में आग लगा ली है तब मैं हल्ला गोहार सुनकर घर गया और अपने कमरे का दरवाजा खोलने लगा, जो अंदर से बंद होने के कारण नहीं खुला तब मैं सब्बल से दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर गया, मेरी पत्नी की जलने से मृत्यु हो चुकी थी। हल्ला गोहार सुनकर गांव के अन्य लोग भी आ गए जो घटना को देखे, सुने है। उक्त घटना पर मर्ग कायम कर जांच मे लिया गया। जांच दौरान मृतिका पाया गया कि मृतिका की शादी 02 वर्ष पूर्व कमलेश सेन के साथ करना एवं मृतिका के पति कमलेश सेन एवं सास मुन्नी बाई सेन के द्वारा मोटर साईकिल की मांग को लेकर मारपीट करना एवं छोटी-छोटी बातों को लेकर दुख तकलीफ देना बताया गया है। मृतिका के जेठ मिथलेश सेन, जेठानी अर्चना सेन द्वारा भी मृतिका से वाद विवाद कर मारने की धमकी देना बताया गया है। मृतिका के द्वारा अपनी मृत्यु के एक दिन पूर्व अपने पिता कमलेश सेन को फोन लगाकर मृतिका के पति एवं सास के द्वारा मृतिका को जंगल ले जाने तथा लकड़ी का अधिक वजन का बोझा रखाकर ले जाने को कहने पर एवं जिसे मृतिका के द्वारा अधिक वजन होने के कारण नहीं ले जाने से मना करने की बात एवं मृतिका के पति व सास दोनों के द्वारा कुल्हाड़ी की बेंत से मारपीट करने व जान से खत्म करने की धमकी देने की बात तथा मृतिका के बेहोश हो जाने पर जंगल में ही छोड़कर घर चले जाना की बात बताई गई एवं मृतिका को शादी के बाद से शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित कर तंग किया जाना पाया गया। संपूर्ण जांच, अभियुक्तगण के विरूद्ध आरोप प्रमाणित पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा दिनांक 13 जून को अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गय जिनमें से मृतिका की सास मुन्नी बाई द्वारा अपर सत्र न्यायालय ब्यौहारी के न्यायालय में जमानत आवेदन पेश किया गया। उक्त प्रस्तुत जमानत आवेदन का विरोध आर0 के0 चर्तुवेदी अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा किया गया। वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। जिनके द्वारा तर्क प्रस्त्तुत किया गया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायहित आरोपिया का जमानत का लाभ दिया जाना उचित नहीं होगा। अधिकारी के के तर्काें से सहमत होकर न्यायालय द्वारा जमानत आवेदन निरस्त कर दहेज लोभी सास को जेल भेज दिया गया है।
