शहडोल। राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आज 10 अगस्त को शहडोल जिला मुख्यालय में प्रस्तावित सत्याग्रह एवं जेल भरो आंदोलन को लेकर आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षकों का जिला मुख्यालय पहुंचना शुरू हो गया है। धरना-प्रदर्शन के लिए बनाए गए पंडाल में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यकर्ता लगातार पहुंच रहे हैं। आंदोलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात सामने आ रही है।
पंडाल में जुट रहे कार्यकर्ता, मांगों को लेकर एकजुटता
सीटू से संबद्ध आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ता अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं के पहुंचने के साथ ही धरना स्थल पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। संगठन की ओर से आंदोलन को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की तैयारियां की जा रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी आंदोलन में होंगी शामिल
बताया गया है कि आशा एवं ऊषा कार्यकर्ताओं के साथ आंगनबाड़ी से जुड़े कर्मचारी भी सामूहिक रूप से आंदोलन में शामिल होकर ज्ञापन सौंपेंगे। इससे प्रदर्शन में शामिल होने वाले कर्मचारियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं के जिला मुख्यालय पहुंचने का सिलसिला जारी है।
दोपहर 2 बजे अधिकारियों को सौंपा जाएगा ज्ञापन
आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं की ओर से अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश के नाम सामूहिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। अधिकारियों की ओर से ज्ञापन लेने के लिए दोपहर 2 बजे का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद आंदोलनकारी एकजुट होकर अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे।
26 हजार रुपये मानदेय समेत कई मांगें
आंदोलनकारी आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में 26 हजार रुपये मासिक वेतन, आशा पर्यवेक्षकों के लिए 35 हजार रुपये मासिक वेतन, आशा एवं पर्यवेक्षकों को नियमित कर्मचारी घोषित करना, श्रम कानूनों का लाभ देना तथा प्रत्येक माह की 5 तारीख तक नियमित भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा 1000 रुपये वार्षिक वेतन वृद्धि का एरियर सहित भुगतान किए जाने की मांग भी की जा रही है।
आज जिला मुख्यालय पास दिख रहा आंदोलन का असर
दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपे जाने के मद्देनजर जिला मुख्यालय के सामने कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंदोलनकारी अपनी मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की तैयारी में हैं। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों का निराकरण किया जाना जरूरी है और इसी उद्देश्य से आज सामूहिक रूप से अपनी मांगें शासन-प्रशासन के समक्ष रखी जायेगी।
