शहडोल। कोयलांचल नगरी धनपुरी स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र मजार शरीफ टेकरी में हजरत सैय्यद इंसान अली रहमतुल्लाह अलैह एवं आस्ताना गुल मोहम्मद शाह रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स मुबारक आज 9 एवं 10 जून को पूरे धार्मिक उत्साह, अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया जाएगा। दो दिवसीय इस आयोजन में प्रदेश सहित आसपास के जिलों एवं अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की संभावना है। वर्षों से आयोजित हो रहा यह उर्स न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता, गंगा-जमुनी तहजीब और कौमी एकता की मिसाल के रूप में भी अपनी विशेष पहचान रखता है। उर्स के दौरान मजार शरीफ टेकरी पूरी तरह रूहानी रंग में रंगी नजर आएगी। दरगाह परिसर को आकर्षक रोशनी एवं सजावट से सजाया गया है, वहीं अक़ीदमंदो की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। आयोजन समिति के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं ताकि आने वाले जायरीन और अकीदतमंदों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आज चादरपोशी और विशेष दुआ
उर्स के प्रथम दिवस 9 जून को दरगाह परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ चादरपोशी, फातिहा और विशेष दुआ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान देश, प्रदेश एवं क्षेत्र की खुशहाली, अमन-चौन और भाईचारे के लिए दुआएं मांगी जाएंगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मजार शरीफ पहुंचकर अकीदत के फूल पेश और दुआएं पेश करेंगें।
10 जून को सजेगी कव्वाली की भव्य महफिल
उर्स के दूसरे दिन 10 जून को रात्रि 10 बजे से विशाल कव्वाली मुकाबले का आयोजन होगा, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा। इस रूहानी महफिल में नई दिल्ली के प्रसिद्ध कव्वाल शब्बू शादाब साबरी अपने चर्चित कलाम ष्दरिया है हमारा ओ पालन हारेष् की प्रस्तुति देंगे। वहीं शहडोल के मशहूर कव्वाल आसिफ चिश्ती अपने लोकप्रिय कलाम ष्हम हुसैनी हैंष् के माध्यम से महफिल को सूफियाना रंग में रंग देंगे। आयोजकों का कहना है कि कव्वाली की यह महफिल देर रात तक चलेगी और अक़ीदमंदो को बड़ी तादात में मौजूद रहेंगे।
सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है उर्स
धनपुरी की मजार शरीफ टेकरी में आयोजित होने वाला यह उर्स वर्षों से हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बना हुआ है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग समान श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं और सूफी संतों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हैं। यही कारण है कि यह आयोजन क्षेत्र में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रहेगी मौजूदगी
आयोजन की सरपरस्ती हाजी राशिद कादरी (कटनी), असलम मामा एवं हाजी शौकत कादरी द्वारा की जा रही है, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी बद्री पाण्डेय करेंगे। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी, जैतपुर विधायक जय सिंह मरावी, पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल मार्काे, नगर पालिका धनपुरी अध्यक्ष रविंदर कौर छाबड़ा, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छाबड़ा, नगर पालिका उपाध्यक्ष हनुमान खंडेलवाल, नगर पालिका बुढ़ार अध्यक्ष शालिनी सरावगी, नगर पालिका शहडोल अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, पूर्व नपा अध्यक्ष मुबारक मास्टर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।
आयोजन को सफल बनाने में जुटी पूरी टीम
उर्स आयोजन समिति के संयोजक रज्जाक अली, नवाब खान कुल्लू एवं नदीम खान मोनू के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। संरक्षक मंडल, मंच व्यवस्था समिति, दरगाह खादिमों एवं समाज सेवकों की टीम स्वागत, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगी हुई है।
अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
उर्स के संयोजक रज्जाक अली एवं नदीम खान मोनू ने क्षेत्रवासियों, अकीदतमंदों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि इंसानियत, प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाला सामाजिक आयोजन भी है। सूफी संतों की शिक्षाएं आज भी समाज को जोड़ने और मानवता का मार्ग दिखाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे में सभी लोगों को इस रूहानी महफिल में शामिल होकर अमन, शांति और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी सहभागिता निभानी चाहिए।
