स्वास्थ्य मंत्री के शहडोल आने का दिखा परिणाम, मामला 6 बच्चों की मौत का
शहडोल। प्रभारी कलेक्टर पार्थ जायसवाल द्वारा जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता बरतने के कारण मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के तहत सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय शहडोल डॉ. उमेश कुमार नामदेव तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 राजेश कुमार पाण्डेय को उनके मूल पद से पृथक कर कलेक्टर कार्यालय में संलग्न किया गया है। सिविल सर्जन जिला अस्पताल का प्रभार डॉ. मुकुन्द चतुर्वेदी अस्थि रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय शहडोल को दिया गया है। जबकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शहडोल का प्रभार डॉ. के एल अहिरवार को सौंपा गया है।
इन कारणों से निपटे अधिकारी
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिला चिकित्सालय शहडोल में एसएनसीयू में भर्ती चैतकुमारी पति बालकदास जिनका प्रसव 30 दिसंबर 2019 को हुआ तथा 30 दिसंबर 2019 को शायं 6ः20 बजे एसएनसीयू जिला चिकित्सालय शहडोल में रेफर किया गया था। उसके बच्चे की 13 जनवरी 2020 को एसएनसीयू में उपचार के दौरान 10ः50 बजे रात्रि में मृत्यु हो गई थी। इसी प्रकार फूलमती पति लालसिंह का प्रसव 7 जनवरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर में हुआ था। 8 जनवरी 2020 को एसएनसीयू में उपचार हेतु रिफर किया गया था और उसके बच्चे की मृत्यु 14 जनवरी 2020 को प्रातः 7ः50 पर हो गई। इसी प्रकार पीआईसीयू में सूरज बैगा पिता संतलाल बैगा निवासी पड़मानिकला सोहागपुर जो उपचार हेतु 14 जनवरी 2020 को प्रातः 4ः00 बजे जिला चिकित्सालय में आया था जिसकी मृत्यु 14 जनवरी को प्रातः 5ः45 बजे हो गई थी। पीआईसीयू में ही श्यामनारायण कोल निवासी अमिलिया अनूपपुर जो 13 जनवरी को दोपहर 1ः30 बजे पीआईसीयू वार्ड में भर्ती हुआ था जिसकी मृत्यु दिनांक 14 जनवरी को प्रातः 3ः30 बजे हो गई। इसी प्रकार हेतु 13 जनवरी को शाम 6ः50 बजे जिला चिकित्सालय में भर्ती हुआ था। 14 जनवरी 2ः00 हो गई एवं निवासी ग्राम 13 जनवरी को शाम 7ः35 बजे जिला चिकित्सालय में भर्ती हुआ लेकिन उसकी मृत्यु हो गई।
नहीं निभाए दायित्व
आदेश में कहा गया है कि जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य की देखरेख की संपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व सिविल सर्जन एवं सह अस्पताल अधीक्षक का है और इसी प्रकार जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का भी प्रमुख दायित्व है। जिले के अस्पतालों में समय-समय पर समीक्षा कर किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी ढंग से कार्रवाई हेतु अपने अधीनस्थ डॉक्टर्स को मार्गदर्शन, उन पर नियंत्रण एवं कार्यों का पर्यवेक्षण करने का दायित्व है परंतु जिला अस्पताल शहडोल में 12 घंटे के दरम्यान में ही 6 बच्चों की मृत्यु हो गई जिससे बच्चों के अभिभावकों को तथा इसी प्रकार आम जनमानस को भी इसका सही प्रभाव नहीं पड़ा और पूर्व में भी इस अस्पताल में कुछ घटनाएं हुई हैं। जिससे सिविल सर्जन एवं सह अस्पताल अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कोई सबक नहीं लिया और न ही अपने अधीनस्थों पर कोई नियंत्रण रखा फलस्वरुप यह दूसरी बार घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई है।
मंत्रियों ने निरीक्षण कर मरीजों व परिजनों से ली जानकारी
संभाग का मॉडल कहे जाने वाले शासकीय कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल में 13 व 14 जनवरी की दरमियानी रात 6 बच्चों की असमय मौत से यहां से लेकर भोपाल तक हड़कंप मचा हुआ है। बच्चों की इस मौत को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी बेहद गंभीरता से लिया है और यही कारण है कि 24 घंटे के अंदर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल और प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री ओमकार सिंह मरकाम हेलीकॉप्टर से बुधवार को शहडोल पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने यहां अस्पताल का निरीक्षण किया और निरीक्षण के दौरान ही उन्होंने इस बात का इशारा कर दिया था, कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ठीक वैसा दिखाई भी दिया। मंत्री जब भोपाल जाने के लिए जमुआ स्थित हेलीपैड पहुंचे तो हेलीकॉप्टर में बैठने से पहले ही उन्होंने कमिश्नर आर बी प्रजापति को यह निर्देश दिया, कि शहडोल के सीएमएचओ डॉ राजेश पाण्डेय और शासकीय कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. उमेश नामदेव को कार्यमुक्त किया जाए। मंत्री के इस तेवर के बाद यहां के स्वास्थ्य हमले में छटपटाहट और घबराहट देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग में अब इस बात की सुगबुगाहट चल रही है कि बच्चों के मौत के मामले में अब आगे और कितनों पर शासन की गाज गिरेगी।
सबसे पहले एसएनसीयू वार्ड देखा
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री व शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री ओमकार सिंह मरकाम और स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती पल्लवी जैन गोविल दोपहर लगभग ढाई बजे हेलीकॉप्टर से जमुआ स्थित हेलीपैड में उतरे। कांग्रेस नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से क्षणिक मुलाकात के बाद मंत्रीद्वय सीधे शासकीय कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल पहुंचे सीधे एसएनसीयू वार्ड पहुंचे। उन्होंने एसएनसीयू व पीएसयू वार्ड सहित शिशु वार्ड का निरीक्षण किया और वहां इलाज के लिए भर्ती बच्चों से स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में पूछताछ की वार्ड के अंदर मौजूद बच्चों के परिजनों से भी उन्होंने अस्पताल से मिलने वाली सुविधाओं और दवाइयों के संबंध में चर्चा की। स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित चिकित्सक को निर्देषित किया कि शिशु गहन चिकित्सा इकाई मंे भर्ती बीमार बच्चो का समुचित इलाज करें ताकि उन्हें पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिल सके। मंत्री व्दय ने जिला चिकित्सालय के प्राईवेट वार्डो, नेत्र चिकित्सा इकाई, मेल एवं फिमेल मेडिकल वार्ड सहित एसएनसीयू एवं अन्य वार्डो का निरीक्षण किया तथा वार्डो मंे मरीजो के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए आरओ लगाने के निर्देष सिविल सर्जन को दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने जिला चिकित्सालय मंे भर्ती मरीजो एवं परिजनो से अलग-अलग भी मुलाकात कर उनको मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं के बारे मंे जानकारी प्राप्त की।
3 दिन में सुधार न हुआ तो होगी कार्यवाही
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री सिलावट ने जिला चिकित्सालय शहडोल की सभी व्यवस्थाएॅ 3 दिवस के अंदर सुधारने के निर्देष दिए। उन्होने निर्देषित किया कि 3 दिवस के अंदर अगर व्यवस्थाएॅ नहीं सुधरी तो जबाबदेह अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।
गंदगी देख जताई नाराजगी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसी सिलावट एवं जिला प्रभारी मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय परिसर में समुचित साफ-सफाई नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा कहा कि इस व्यवस्था को तत्काल दुरूस्त किया जायें। उन्हांेनें कहा कि जिला चिकित्सालय एवं अन्य चिकित्सालयों मंे आने वाले मरीजो को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएॅ मुहैया कराएॅ। सभी चिकित्सालयों मंे बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएॅ मिले इसकी व्यवस्थाएॅ सुनिष्चित कराएॅ। इस मौके पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, कमिष्नर शहडोल संभाग आर.बी. प्रजापति, अधिष्ठता मेडिकल कॉलेज शहडोल मिलिन्द शिलारकर, कोतमा विधायक सुनील सराफ, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बलमीत सिंह खनूजा सहित कई अन्य कांग्रेस नेता और जिले के अधिकारी उपस्थित थे।
लापरवाहों को बख्सा नहीं जाएगा
अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद सिविल सर्जन के चेंबर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह घटना बेहद दुखदाई है और पूरी सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टर के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की गई है जो पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मंत्री श्री सिलावट ने साफ शब्दों में कहा कि जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी बेहद गंभीरता से लिया है और वह भी पल-पल की खबर ले रहे हैं। यही कारण है कि 24 घंटे के अंदर प्रदेश के तीन मंत्रियों ने यहां पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
संभागीय कमेटी बनाई
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रदेश में हर संभाग में एक समिति गठित की है जो नवजात बच्चों की बीमारियों खासकर निमोनिया के संबंध में जानकारी लेकर प्लान तैयार करेगी। यह समिति सीधे प्रमुख सचिव को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। प्रदेश में डॉक्टरों की कमी के संबंध में उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत डॉक्टरों की कमी है और यही कारण है कि कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश में डॉक्टरों की सीधी भर्ती की जा रही है। भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने यह भी कहा कि 15 सालों तक सत्ता में रहने वाली भाजपा ने एक भी डाक्टरों की भर्ती नहीं की जिस कारण आज अस्पतालों की हालत यह हो गई है।
मुख्यमंत्री लिये अपने संज्ञान में
संभाग के सबसे बड़े कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय में 6 बच्चों की मौत के मामले को प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गंभीरता से लिया। इस पूरे मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने संज्ञान में लिया। यह मामला उजागर होते ही शहडोल प्रवास पर आए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल जिला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने मृत बच्चों के परिजनों से भेंट कर जांच के निर्देश संभागायुक्त दिए तथा हॉस्पिटल का निरीक्षण कर संबंधित स्वस्थ अमले दिशा निर्देश देते हुए फटकार लगाई वही ठीक दूसरे दिन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओमकार सिंह मरकाम हेलीकॉप्टर से शहडोल पहुंचे हेलीपेड़ से दोनों मंत्री सीधे जिला अस्पताल पहुंचे और जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया तथा 6 बच्चों की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सिविल सर्जन एवं सीएमएचओ को निलंबित किया साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य अमले को दिशा निर्देश दिए तथा जिला प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पताल में उपचार में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाए इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह विधायक कोतमा विधानसभा के सुनील शराब जिला पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र मरावी जिला कांग्रेस प्रवक्ता हुसैन अली सहित कई कांग्रेसी नेता कार्यकर्ता स्वास्थ्य अमला प्रशासनिक अधिकारी तथा पत्रकार मौजूद रहे।
भाजपा ही कर सकती है बच्चों की मौत पर राजनीति
भोपाल वापस जाते समय हेलीपैड में पत्रकारों ने एक बार फिर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट से चर्चा की और उनसे भाजपा द्वारा लगाए जा रहे आरोप के संबंध मंे प्रश्न पूछा। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने उल्टा भाजपा को ही कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुःखद है और इस तरह की बातों पर भी राजनीति सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की मौत से भाजपा को दुःख या कुछ लेना देना नहीं हैं, वह तो बस मामले का राजनीतिकरण करना चाहती है।
यह राजनीति का मौका नहीं-आजाद
इस मौके पर मौजूद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने कहा कि यह राजनीति करने का मौका नहीं है। उन्होंने कहा कि 15 सालों तक प्रदेश में भाजपा की सरकार रही। इस दौरान कई घटनाएं हुई, यदि भाजपाइयों ने उसी समय व्यवस्था में सुधार कर लिया होता तो आज बच्चों की असामयिक मौत नहीं होती। उन्होंने कहा कि मंगलवार की सुबह मीडिया के माध्यम से जब यह जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट तक पहुंची तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। यही कारण था कि संज्ञान में आने के अगले 24 घंटों के अंदर स्वास्थ्य मंत्री, पंचायत मंत्री और प्रभारी मंत्री अपने कार्यक्रमों को रद्द कर शहडोल आए और उन्होंने अस्पताल का जायजा लिया और भर्ती मरीजों से कुशल क्षेम पूछा। श्री सिंह ने जिला चिकित्सालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों द्वारा की गई धक्का-मुक्की की भी कड़ी भर्त्सना की है।
भाजपा कार्यकर्ताओं व कांग्रेस विधायक में हुई तू-तू, मैं-मैं
स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट और जिले के प्रभारी मंत्री ओमकार सिंह मरकाम जब अस्पताल का निरीक्षण कर बाहर निकले तो बाहर पहले से मौजूद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग होश में आओ का नारा लगाते हुए मंत्रियों को घेर लिया। भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजय सिंह बघेल और जयसिंहनगर विधायक जयसिंह मरावी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता मंत्री श्री सिलावट को ज्ञापन देना चाहते थे। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही जोरदार नारेबाजी के बीच वहां मौजूद कोतमा से कांग्रसे विधायक सुनील सराफ सामने आए और उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश कीं। इसी बीच विधायक श्री सराफ और भाजपा कार्यकर्ताओं में जमकर तू तू मैं मैं हुई। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को सम्हाला और विधायक श्री सराफ को कार तक ले गए। इस बीच कांग्रेस पार्षद जितेंद्र सिंह जित्तू सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी भीड़ में पहुंच गए और उन्होंने भी मोर्चा सम्हाल लिया। लेकिन बात ज्यादा बिगड़ने के पहले की मामला सम्हल गया। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों की मौत का मामला है इसलिए संबंधितों के खिलाफ ठोस कार्यवाही की जानी चाहिए। मंत्रियों के जाने के बाद भी भाजपा कार्यकर्ता काफी देर तक वहां डटे रहे और अपने गुस्से को प्रदर्शित करते रहे।
यह उल्लेख है ज्ञापन में
भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजय सिंह बघेल के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कुशामाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय शहडोल में 13 जनवरी की शाम से 14 जनवरी की सुबह तक 12 घण्टों मे एक साथ 6 मासूमों की जान जाना कहीं न कहीं घोर लापरवाही की ओर इशारा है। किन्तु जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये हैं, और न ही दोषियों पर कोई कार्यवाही हुयी है। जिस्से यह प्रतीत होता है कि कहीं न कहीं दोषियों को बचाने का काम किया जा रहा है। जबकि शहडोल जिला चिकित्सालय में आये दिन इस प्रकार की घटनायें हो रही हैं, परन्तु किसी पर भी कोई कार्यवाही नही होना यह दर्शाता है कि अस्पताल प्रबंधन एवं प्रशासन की शह में ही यह लापरवाही हो रही है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि इस कृत्य मे लिप्त अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये, जिससे इस तरह की घटनाओं की दुबारा पुनरावृत्ति न हो। यह भी कहा गया है कि उक्त घृणित लापरवाही की भारतीय जनता युवा मोर्चा कड़ी निंदा करता है. एवं लचर अस्पताल व्यवस्था की स्थित न सुधरने एवं दोषियों पर कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी देता है।
भाजपा कार्यकर्ताओं व कांग्रेस विधायक में हुई तू-तू, मैं-मैं
स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट और जिले के प्रभारी मंत्री ओमकार सिंह मरकाम जब अस्पताल का निरीक्षण कर बाहर निकले तो बाहर पहले से मौजूद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग होश में आओ का नारा लगाते हुए मंत्रियों को घेर लिया। भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजय सिंह बघेल और जयसिंहनगर विधायक जयसिंह मरावी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता मंत्री श्री सिलावट को ज्ञापन देना चाहते थे। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही जोरदार नारेबाजी के बीच वहां मौजूद कोतमा से कांग्रसे विधायक सुनील सराफ सामने आए और उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश कीं। इसी बीच विधायक श्री सराफ और भाजपा कार्यकर्ताओं में जमकर तू तू मैं मैं हुई। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को सम्हाला और विधायक श्री सराफ को कार तक ले गए। इस बीच कांग्रेस पार्षद जितेंद्र सिंह जित्तू सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी भीड़ में पहुंच गए और उन्होंने भी मोर्चा सम्हाल लिया। लेकिन बात ज्यादा बिगड़ने के पहले की मामला सम्हल गया। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों की मौत का मामला है इसलिए संबंधितों के खिलाफ ठोस कार्यवाही की जानी चाहिए। मंत्रियों के जाने के बाद भी भाजपा कार्यकर्ता काफी देर तक वहां डटे रहे और अपने गुस्से को प्रदर्शित करते रहे।
यह उल्लेख है ज्ञापन में
भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजय सिंह बघेल के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कुशामाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय शहडोल में 13 जनवरी की शाम से 14 जनवरी की सुबह तक 12 घण्टों मे एक साथ 6 मासूमों की जान जाना कहीं न कहीं घोर लापरवाही की ओर इशारा है। किन्तु जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये हैं, और न ही दोषियों पर कोई कार्यवाही हुयी है। जिस्से यह प्रतीत होता है कि कहीं न कहीं दोषियों को बचाने का काम किया जा रहा है। जबकि शहडोल जिला चिकित्सालय में आये दिन इस प्रकार की घटनायें हो रही हैं, परन्तु किसी पर भी कोई कार्यवाही नही होना यह दर्शाता है कि अस्पताल प्रबंधन एवं प्रशासन की शह में ही यह लापरवाही हो रही है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि इस कृत्य मे लिप्त अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये, जिससे इस तरह की घटनाओं की दुबारा पुनरावृत्ति न हो। यह भी कहा गया है कि उक्त घृणित लापरवाही की भारतीय जनता युवा मोर्चा कड़ी निंदा करता है. एवं लचर अस्पताल व्यवस्था की स्थित न सुधरने एवं दोषियों पर कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी देता है।








