संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) ने एसईसीएल प्रबंधन को लिखा पत्र, ईसीएल-बीसीसीएल की तर्ज पर SECL मे भी 1 घंटे का चार्जिंग एलाउंस लाभ देने की मांग
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की विभिन्न उत्पादन खदानों एवं इकाइयों में कार्यरत खनन पर्यवेक्षकों (माइनिंग सुपरवाइजर्स) को एक घंटे का प्रभार भत्ता (चार्ज अलाउंस) प्रदान करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के महासचिव कॉमरेड अजय कुमार विश्वकर्मा ने एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एवं निदेशक (मानव संसाधन) को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। संघ ने अपने पत्र में कहा है कि एसईसीएल की सभी उत्पादक खदानों एवं इकाइयों में कार्यरत खनन पर्यवेक्षक उत्पादन तथा सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद एसईसीएल में कार्यरत माइनिंग सुपरवाइजर्स को एक घंटे के प्रभार भत्ते का लाभ नहीं मिल पा रहा है। संघ का कहना है कि ईसीएल, बीसीसीएल सहित कोल इंडिया की अन्य सहायक कंपनियों में खनन पर्यवेक्षकों को एक घंटे का प्रभार भत्ता प्रदान किए जाने का आदेश लागू है। ऐसे में एसईसीएल के खनन पर्यवेक्षकों को इस लाभ से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है। पत्र में कहा गया है कि एक घंटे का अतिरिक्त प्रभार समय मिलने से खदानों में सुरक्षा निरीक्षण, निगरानी एवं कार्य संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ सुरक्षित एवं बेहतर उत्पादन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। SECLसंयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) महासचिव अजय कुमार विश्वकर्मा ने यह भी उल्लेख किया है कि गत संचालन समिति की बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया था, जिस पर विचार करने का आश्वासन प्रबंधन की ओर से दिया गया था। संघ ने अब प्रबंधन से मांग की है कि एसईसीएल में कार्यरत सभी खनन पर्यवेक्षकों को एक घंटे का प्रभार भत्ता प्रदान करने के लिए शीघ्र आवश्यक निर्णय लिया जाए। संघ महासचिव अजय कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि खनन पर्यवेक्षक उत्पादन और सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं तथा उन्हें उनके कार्य के अनुरूप प्रभार भत्ते का लाभ मिलना चाहिए। एटक ने प्रबंधन से इस मांग पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है जिससे SECL मे भी कार्यरत अन्य कम्पनियों की तरह सभी खनन पर्यवेक्षकों को 1 घंटे का प्रभार भत्ता का लाभ मिल सके
